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शायद इसी को विकास की गंगा बहाना कहते हैं दौड़ती मौत अब हाईवे छोड़ घरों के सामने संकीर्ण वीथियों में पहुँची

रायगढ़ दिनांक 05/4 दिन रविवार को सोनार पारा वासियो में आश्चर्यमिश्रित भय व्याप्त हो गया जब उन्होंने सुबह चार बजे के आस पास बहुत जोरो की आवाज़ सुनी और अपने घरों से बाहर निकल पड़े , देखने पर ज्ञात हुआ कि गुजरात रजिस्ट्रेशन की एक अठारह चक्के की बड़ी ट्रक जिसका नंबर प्लेट पर जी जे 36 वी 6433 , भक्ति गली गोविंद कॉपी हाउस से लेकर सोनार पारा तिराहा में नवीन सोनार के दुकान के लगे टिन शेड को उखाड़ते हुए नेहरू टेलर्स के सामने खड़ी विटारा ब्रिजा कार को छूते हुए फंस गई थी . जब मोहल्लेवासियों ने एकजुट होने लगे तभी शराब के नशे में चूर ड्राइवर और खलासी ट्रक से कूद कर फरार हो गए .
ज्ञात रहे यह ट्रक मांझी डेयरी के समीप नरेंद्र नामदेव , रिंकू नामदेव की कार मोटर साइकल को क्षतिग्रस्त करते हुए कम्मू गुप्ता , युधिष्ठिर गुप्ता , छोटू गुप्ता और जीतू गुप्ता की भी मोटर साइकल्स को ठोकर मारते हुए आगे बढ़ रहा था मोड पर इस ट्रक ने मनोहर सोनार की दुकान के आगे भी खड़ी बाइक्स को क्षति पहुंचाई.
इस ट्रक के मालिक ने रायगढ़ स्थित ट्रांसपोर्टर से संपर्क स्थापित करने पर कुछ पुलिस कर्मी लगभग सात साधे सात बजे तक घटना स्थल में उसी ड्राइवर और खलासी के साथ पहुंचे और कहा कि इसका ड्राइवर तो भाग चुका है हमने बाय पास से दूसरे ट्रक का ड्राइवर लाया है लेकिन मोहल्लेवासियों के पहचाने जाने पर हंगामा हल्ला होने पर ये पुलिस कर्मचारी अपने मोबाइल से भीड़ की ही फोटोग्राफी करने लगे और भयादोहन करने लगे , उनके कृत्य से नाराज सोनार पारा मोहल्लेवासी उग्र होने लगे तभी टी आई सुखनंदन पटेल को आ कर मोर्चा संभालना पड़ा हालाकि वे ट्रक ड्राइवर की गलती नहीं मानते हुए गूगल मैप को दोषी ठहराने में तुल गए .
खैर पूरे एपिसोड में ट्रैफ़िक पुलिस की अकर्मण्यता और लापरवाही सामने आ रही है क्योंकि जिस मार्ग या गली में कार ऑटो को निर्विघ्न चलने पर तकलीफ़ होती है वही अठारह चक्के का बेधड़क सत्तीगुड़ी चौक , हंडी चौक से होते हुए सिटी कोतवाली के सामने से धड़धड़ाते हुए हटरी चौक से गाँजा चौक होते हुए सीधा सोनार पारा में फंस जाये तो इसे सीसी टीवी की भी पोल खुलती नज़र आ रही है।

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