रायपुर:
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए वरिष्ठ प्रचारक कर्मवीर सिंह को प्रदेश संगठन महामंत्री की कमान सौंपी है। सत्ता और संगठन के बीच मजबूत सेतु माने जाने वाले इस पद पर कर्मवीर सिंह की नियुक्ति को आगामी राजनीतिक व सांगठनिक समीकरणों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
हाथरस से संघ प्रचारक तक का सफर
जन्म व मूल निवास: कर्मवीर सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के रहने वाले हैं।
छात्र राजनीति से शुरुआत: विद्यार्थी जीवन के दौरान वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े और ब्रज क्षेत्र में छात्र हितों व राष्ट्रवादी विचारधारा के विस्तार में सक्रिय रहे।
संघ को जीवन समर्पित: छात्र राजनीति के बाद उन्होंने अपना पूरा जीवन संगठन को समर्पित करने का निर्णय लिया और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्णकालिक प्रचारक बने। उन्होंने ब्रज संभाग और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रचारक के रूप में संघ के आधार को मजबूत किया।
संगठनात्मक कौशल: पश्चिमी यूपी से झारखंड तक का अनुभव
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन को साधा:
कर्मवीर सिंह को उत्तर प्रदेश भाजपा में सह-संगठन महामंत्री का दायित्व सौंपा गया था, जहां उनके पास मुख्य रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभार रहा। किसान आंदोलन और जटिल सामाजिक समीकरणों के दौर में उन्होंने परदे के पीछे रहकर बूथ स्तर पर सघन प्रबंधन किया, जिसका लाभ 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिला।
झारखंड में बतौर संगठन महामंत्री कार्यकाल:
वर्ष 2022 में केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें झारखंड प्रदेश भाजपा का संगठन महामंत्री नियुक्त किया। झारखंड में लगभग एक दशक बाद किसी संघ प्रचारक को यह जिम्मेदारी मिली थी। वहां उन्होंने कार्यकर्ताओं में अनुशासन कायम करने, आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सांगठनिक विस्तार और कोर कमेटी से लेकर बूथ स्तर तक सक्रिय समन्वय स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।
कार्यशैली: खामोश रणनीति और जमीनी कसावट
कर्मवीर सिंह की पहचान प्रचार और मंच की चकाचौंध से दूर रहकर ‘खामोशी से काम करने वाले’ रणनीतिकार के रूप में है। संघ की पृष्ठभूमि के अनुरूप वे निरंतर प्रवास, कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।
छत्तीसगढ़ में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठाने, सत्ता के कामकाज को निचले स्तर तक ले जाने और आगामी चुनावों की मजबूत सांगठनिक जमीन तैयार करने में उनका यह व्यापक अनुभव मील का पत्थर साबित होगा।

Related News

चक्रधर समारोह में गायक हीरो अनुराग शर्मा का जलवा: छत्तीसगढ़ी और हिंदी गीतों पर देर रात तक झूमा खचाखच भरा कार्यक्रम स्थल
September 19, 2026
चक्रधर समारोह में कला का संगम: रायगढ़ कथक घराने को आगे बढ़ा रहीं डॉ. यास्मीन सिंह और रंगकर्मी डॉ. योगेन्द्र चौबे से खास रूबरू
September 17, 2026