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चक्रधर समारोह में कला का संगम: रायगढ़ कथक घराने को आगे बढ़ा रहीं डॉ. यास्मीन सिंह और रंगकर्मी डॉ. योगेन्द्र चौबे से खास रूबरू

रायगढ़। कला और संगीत की संस्कारधानी रायगढ़ के ऐतिहासिक चक्रधर समारोह के मंच पर भारतीय शास्त्रीय कला की अद्भुत छटा देखने को मिली। इस गरिमामयी आयोजन में देश-विदेश में अपनी कला का परचम लहरा चुकीं वरिष्ठ कथक नृत्यांगना डॉ. यास्मीन सिंह और प्रतिष्ठित वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ. योगेन्द्र चौबे की विशेष उपस्थिति रही।
विदित हो कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय शास्त्रीय नृत्य की अमिट छाप छोड़ चुकीं डॉ. यास्मीन सिंह छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व प्रमुख सचिव अमन सिंह की धर्मपत्नी हैं। वे रायगढ़ कथक घराने की समृद्ध परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाने में जुटी हुई हैं। चक्रधर समारोह के पावन मंच पर प्रस्तुति देने पहुंचीं डॉ. यास्मीन सिंह ने अपने भावपूर्ण कथक और सधे हुए पद संचालन से कला प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। महाराज चक्रधर सिंह की इस सांस्कृतिक विरासत को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि रायगढ़ का मंच हर शास्त्रीय साधक के लिए तीर्थ के समान है, जहाँ कला को सच्चा सम्मान और पारखी दर्शक मिलते हैं।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ. योगेन्द्र चौबे के साथ कला, संस्कृति और समकालीन रंगमंच पर भी सार्थक विमर्श हुआ। रायगढ़ के सांस्कृतिक सरोकारों और चक्रधर समारोह की समृद्ध परंपरा को लेकर दोनों विभूतियों से आत्मीय चर्चा हुई, जिसमें रायगढ़ घराने के संरक्षण, कला जगत के वर्तमान परिदृश्य और नई पीढ़ी को शास्त्रीय परंपराओं से जोड़े रखने पर गंभीर विचार साझा किए गए।

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